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बीएससी सेमेस्टर-1 जन्तु विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2657
आईएसबीएन :0

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बीएससी सेमेस्टर-1 जन्तु विज्ञान

प्रश्न- अफ्रीकी निद्रा रोग क्या है? यह कैसे होता है? इसके संचरण एवं रोगजनन को समझाइए। इस रोग के नियंत्रण के उपाय बताइए।

सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
1. अफ्रीकी निद्रा रोग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
2. अफ्रीकी निद्रा रोग के संचरण पर टिप्पणी लिखिए।
3. अफ्रीकी निद्रा रोग के लक्षण एवं रोगजनन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
4. अफ्रीकी निद्रा रोग के निदान, उपचार एवं रोकथाम तथा नियंत्रण के विषय में बताइए।
5. ट्रिपैनोसोमिएसिस पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर -

अफ्रीकी निद्रा रोग अथवा ट्रिपैनोसोमिएसिस
(African Sleeping Sickness or Trypanosomiasis)

अफ्रीकी निद्रा रोग मनुष्य में पाया जाने वाला रोग है जो ट्रिपैनोसोमा गैम्बिएन्स नामक प्रोटोजोआ द्वारा उत्पन्न किया जाता है। यह एक घातक रोग है जिसके फलस्वरूप प्रायः रोगी की मृत्यु हो जाती है। इस रोग का संचरण सी-सी मक्खी द्वारा होता है। यह प्रोटोजोआ सामान्यतः मध्य अफ्रीका, मिस्र तथा दूसरे क्षेत्रों में जहाँ नीची एवं दलदली भूमि होती है, में पाया जाता है।

रोग का संचरण (Transmission of Disease) : जब सी-सी मक्खी (ग्लोसइना पैलपेलिस) अफ्रीकी निद्रा रोग से ग्रसित मनुष्य का रक्त चूसती है तो रक्त के साथ ट्रिपैनोसोम्स की छोटी ठूंठ अवस्था भी आ जाती है। ठूंठ अवस्था का विकास मक्खी के अन्दर होता रहता है। जब यह संक्रमित मक्खी किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटती है तो परजीवी इसके रक्त में पहुँच जाते हैं तथा रोग उत्पन्न करते हैं। अतः संक्रमण का प्रेषण एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में सी-सी मक्खी द्वारा होता है।

लक्षण एवं रोगजनन (Symptoms and Pathogenesis) : परजीवी के संरोपण के तुरन्त बाद मनुष्य की त्वचा सूजने लगती है जो 1-2 सप्ताह में ठीक हो जाती है। इसी दौरान परजीवी रुधिर प्रवाह में पहुँच जाता है और भारी पैरासीटेमिया (parasitemia) की शुरूआत करता है। धीरे-धीरे अधिक संख्या में परजीवी लसिका ग्रन्थियों में एकत्र होने लगते हैं। इसके पश्चात् ये परजीवी प्रमस्तिष्क मेरुद्रव में प्रवेश कर जाते हैं, जिसके कारण मस्तिष्क में क्षति होती है। परजीवी जैसे ही लसिका ग्रन्थियों में पहुँचता है, ग्रन्थियों के आकार में वृद्धि होने लगती है तथा उनमें दर्द उत्पन्न होने लगता है। लगभग 7 दिन ज्वर होने के पश्चात् ज्वर मुक्ति काल आता है जिसके पश्चात् पुनः ज्वर की एक या अधिक बार पुनरावृत्ति होती है। रक्त में परजीवी केवल ज्वर के समय ही पाये जाते हैं। लिम्फैडिनाइटिस की अवस्था में लसिका ग्रन्थियों, प्लीहा व यकृत का आकार बढ़ जाता है जिसके फलस्वरुप सिरदर्द, आर्द्राइटिस का दर्द तथा पैरों में कमजोरी हो जाती है। इसके बाद प्रीकॉर्डियल दर्द, दृष्टि दोष, रक्ताल्पता तथा अत्यधिक कमजोरी आ जाती है। पुनः तीक्ष्ण ज्वर हो जाने से रोगी की मृत्यु भी हो सकती है।

केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र के संक्रमित हो जाने की अवस्था ही सामान्यतः निद्रा रोग कही जाती है जो तंत्रिकीय लक्षणों का अधिक बढ़ा हुआ रूप है। रोग की तीव्रता बढ़ जाने से रोगी लगातार सोता रहता है, शरीर में ऐंठन होती है इसके पश्चात् संज्ञानहीन सुप्तावस्था आती है तथा अंत में रोगी की मृत्यु हो जाती जो अधिकतर दूसरे संक्रमणों के कारण होती है।

निदान (Diagnosis) : प्रयोगशाला में ताजे रक्त या अभिरंजित रक्त फिल्म, अथवा बढ़ी हुई लसिका ग्रन्थियों के निष्कर्ष (extract) में ट्रिपैनोसोम्स की पहचान की जा सकती है। निद्रा रोग की अवस्था में, निदान के लिए प्रमस्तिष्क मेरुद्रव का परीक्षण आवश्यक हो जाता है।

उपचार (Treatment) : गैम्बिअन अथवा अफ्रीकी ट्रिपैनोसोमिएसिस का उपचार संक्रमण की प्रारम्भिक अवस्था में सम्भव है किन्तु यदि एक बार परजीवी प्रमस्तिष्क मेरुद्रव में प्रवेश कर जाता है तो इसका नियंत्रण कठिन हो जाता है।

इसके द्वारा रुधिर एवं लसिका में संक्रमण होने पर जर्मेनिन एवं लोमीडीन का और मस्तिष्क में संक्रमण होने पर ट्रिपर्सेमाइड का उपयोग किया जाता है।

रोकथाम एवं नियंत्रण (Prevention and Control) : स्थानिक क्षेत्रों में फैली गैम्बिअन ट्रिपैनोसोमिएसिस निम्न उपायों द्वारा नियंत्रित की जा सकती है -

1. संक्रमण वाले स्थानों से बिना संक्रमण वाले स्थानों पर आने वाले व्यक्तियों का संगरोध (quarentine) सुनिश्चित करना चाहिए।
2. सी-सी मक्खी के रहने तथा प्रजनन के स्थानों को नष्ट करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाना चाहिए।
3. सी-सी मक्खी के नियंत्रण के साथ मनुष्यों का व्यापक रूप से रोगहर (curative) तथा रोग निरोधी औषधियों से उपचार करना चाहिए। यह कार्यक्रम इस जाति के लिए अत्यधिक उपयुक्त है क्योंकि यह स्ट्रेन (strain) विशेष रूप से मनुष्य के लिए अनुकूलित है तथा यह सामान्यतः संचित पोषकों में बहुत कम पायी जाती है।
4. सुरामीन लिम्फैडेनाइटिस अवस्था में अत्यन्त प्रभावशाली है किन्तु तंत्रिकीय अवस्था में इसका कोई प्रभाव नहीं रह जाता है।
5. डाइमिडीन्स विशेष रूप से पेण्टामिडीन तथा प्रोपेमिडीन रोग की प्रारम्भिक अवस्थाओं में अत्यन्त प्रभावशाली हैं। यदि चाक्षुष तंत्रिकाशोथ (optic neuritis) हो जाता है तो इनके स्थान पर ट्रिपर्सेमाइड का प्रयोग किया जाता है।
6. ट्रिपर्सेमाइड गैम्बिअन ट्रिपैनोसोमिएसिस के उपचार में अत्यन्त उपयोगी है तथा इसका व्यापक प्रयोग किया जाता है। इसको सप्ताह में एक या दो बार शिरा में इंजेक्ट करते हैं।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- कोशा कला की सूक्ष्म संरचना जानने के लिए सिंगर और निकोल्सन की तरल मोजैक विचारधारा का वर्णन कीजिए।
  2. प्रश्न- कोशिका सिद्धान्त से आप क्या समझते हैं? प्राणि कोशिका का नामांकित चित्र बनाइए तथा पाँच कोशिका उपांगों के मुख्य कार्यों का वर्णन कीजिए।
  3. प्रश्न- निम्नलिखित वैज्ञानिकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - (i) एन्टोनी वान ल्यूवेन हॉक (ii) श्लीडेन तथा श्वान्स
  4. प्रश्न- अन्तरकोशिकीय संचार या कोशिका कोशिका अन्तर्क्रिया पर टिप्पणी लिखिए।
  5. प्रश्न- कोशिका-एडहेसन का वर्णन कीजिए।
  6. प्रश्न- निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - (i) माइक्रोट्यूब्ल्स (ii) माइक्रोफिलामेन्टस (iii) इन्टरमीडिएट फिलामेन्ट
  7. प्रश्न- माइटोकॉण्ड्रिया की संरचना व कार्यों का वर्णन कीजिए।
  8. प्रश्न- एण्डोप्लाज्मिक रेटीकुलम की संरचना तथा कार्यों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
  9. प्रश्न- राइबोसोम की संरचना एवं कार्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- परऑक्सीसोम पर टिप्पणी लिखिए।
  11. प्रश्न- वेंकटरमन रामाकृष्णन पर टिप्पणी लिखिए।
  12. प्रश्न- बाह्य प्रोटीन और समाकल प्रोटीन कोशिका कला की पारगम्यता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?
  13. प्रश्न- हरितलवक और माइटोकॉण्ड्रिया में मिलने वाले समान लक्षणों का वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- परॉक्सीसोम किन कोशिकांगों के साथ मिलकर प्रकाशीय श्वसन (फोटोरेस्पिरेशन) की क्रिया सम्पन्न करता है? प्रकाशीय श्वसन के जैविक कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत कीजिए।
  15. प्रश्न- केन्द्रक की संरचना का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
  16. प्रश्न- उपयुक्त आरेखों के साथ गुणसूत्र आकारिकी व परासंरचना का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- “गुणसूत्रों की विशेष किस्में” विषय पर एक निबन्ध लिखिए।
  18. प्रश्न- न्यूक्लिक अम्ल क्या होते हैं? डी.एन.ए. की संरचना तथा प्रकृति का वर्णन कीजिए।
  19. प्रश्न- वाट्सन तथा क्रिक के द्वारा प्रस्तुत डी. एन. ए. की संरचना का वर्णन कीजिए तथा डी. एन. ए. के विभिन्न प्रकार बताइए।
  20. प्रश्न- राइबोन्यूक्लिक अम्लों की रचना का वर्णन कीजिए तथा इसके जैविक एवं जैव-रासायनिक महत्व पर प्रकाश डालिए।
  21. प्रश्न- मेसेल्सन एवं स्टेहल के उस प्रयोग का वर्णन कीजिए जो अर्द्ध-संरक्षी डी. एन. ए. पुनरावृत्ति को प्रदर्शित करता है।
  22. प्रश्न- जेनेटिक कोड पर टिप्पणी लिखिए।
  23. प्रश्न- गुणसूत्रों की रचना एवं प्रकार का वर्णन कीजिए।
  24. प्रश्न- न्यूक्लिओसोम का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- सहलग्नता क्या है? उचित उदाहरण देते हुए इसके महत्त्व की चर्चा कीजिए।
  26. प्रश्न- क्रॉसिंग ओवर को उदाहरण सहित समझाइए तथा इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  27. प्रश्न- सेण्ट्रोसोम की परिभाषा लिखिए।
  28. प्रश्न- क्रोमेटिन के प्रकारों को बताते हुए हेटेरोक्रोमेटिन को विस्तार से समझाइये।
  29. प्रश्न- किसी एक प्रायोगिक साक्ष्य द्वारा सिद्ध कीजिये कि डी.एन.ए. ही आनुवांशिक तत्व है।
  30. प्रश्न- गुणसूत्र पर पाये जाने वाले विभिन्न अभिरंजन और पट्टिका प्रतिमानों का वर्णन कीजिए।
  31. प्रश्न- B गुणसूत्र का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  32. प्रश्न- डी.एन.ए. और आर.एन.ए. में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  33. प्रश्न- RNA कौन-सा आनुवंशिक कार्य DNA की तरह पूरा करता है?
  34. प्रश्न- नीरेनबर्ग तथा एच.जी.खोराना के योगदान का वर्णन कीजिए।
  35. प्रश्न- क्या RNA का एक स्ट्रेण्ड दूसरा स्ट्रेण्ड संश्लेषित कर सकता है?
  36. प्रश्न- DNA की संरचना फॉस्फोरिक एसिड, पेन्टोज शर्करा तथा नत्रजन क्षार से होती है। इसके वस्तुतः आनुवंशिक तत्व कौन से हैं?
  37. प्रश्न- वाटसन एण्ड क्रिक पर टिप्पणी लिखिए।
  38. प्रश्न- DNA की पुनरावृत्ति में सहायक एन्जाइमों का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- कोशिका चक्र से आप क्या समझते हैं? इण्टरफेज में पायी जाने वाली कोशिका चक्र की विभिन्न प्रावस्थाओं का वर्णन कीजिए।
  40. प्रश्न- समसूत्री कोशिका विभाजन का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए तथा समसूत्री के महत्व पर एक टिप्पणी लिखिए।
  41. प्रश्न- अर्धसूत्री कोशिका विभाजन का सविस्तार वर्णन कीजिए तथा इसके महत्व का उल्लेख कीजिए।
  42. प्रश्न- समसूत्री तथा अर्धसूत्री विभाजन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  43. प्रश्न- एक संकर संकरण क्या है? कम से कम दो उदाहरणों को बताइए।
  44. प्रश्न- स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम को समझाइए।
  45. प्रश्न- एक उपयुक्त उदाहरण देते हुए अपूर्ण प्रभाविकता पर एक टिप्पणी लिखिए।
  46. प्रश्न- जन्तुओं में लिंग निर्धारण की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
  47. प्रश्न- मानव में लिंग निर्धारण कैसे होता है?
  48. प्रश्न- लिंग निर्धारण में प्राकृतिक कारकों के प्रभाव का उदाहरण सहित विस्तृत वर्णन कीजिए।
  49. प्रश्न- वंशानुगत तथा आनुवंशिकी में अन्तर बताइए।
  50. प्रश्न- आनुवंशिकी का जनक किसको वस्तुतः कहा जाता है?
  51. प्रश्न- समप्रभाविता की वंशागति को समझाइए।
  52. प्रश्न- “समलक्षणी जीवों की जीनी संरचना भिन्न हो सकती है। यह कथन सही है अथवा गलत? क्यों?
  53. प्रश्न- ग्रीगर जॉन मेण्डल के योगदान को रेखांकित कीजिए।
  54. प्रश्न- कौन-सा कोशिका विभाजन गैमीट पैदा करता है?
  55. प्रश्न- स्यूडोडोमिनेंस पर टिप्पणी लिखिए।
  56. प्रश्न- टेस्ट क्रॉस एवं बैक क्रॉस में अन्तर बताइए।
  57. प्रश्न- टेस्ट क्रॉस तथा बैक क्रॉस को समझाइए।
  58. प्रश्न- मानव में बार बॉडी के महत्व को समझाइये।
  59. प्रश्न- लिंग प्रभावित वंशागति एवं लिंग सीमित वंशागति में अन्तर बताइए।
  60. प्रश्न- लिंग सहलग्न, लिंग प्रभावित और लिंग सीमाबद्धित लक्षणों के बीच सोदाहरण विभेदकीजिए।
  61. प्रश्न- मेरी एफ. लिओन की परिकल्पना समझाइए।
  62. प्रश्न- कारण स्पष्ट कीजिए कि नर मधुमक्खी में शुक्राणुओं का निर्माण समसूत्री विभाजन द्वारा क्यों होता है?
  63. प्रश्न- ZW टाइप लिंग निर्धारण पर टिप्पणी लिखिए।
  64. प्रश्न- पक्षियों में लिंग निर्धारण प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  65. प्रश्न- स्तनधारी मादा की शुरूआती अवस्था में कौन-सा X क्रोमोसोम हेट्रोक्रोमेटाइज हो जाता है, माता का या पिता का?
  66. प्रश्न- मल्टीपिल ऐलीलिज्म पर एक निबन्ध लिखिए।
  67. प्रश्न- Rh-तत्व क्या है? इसके महत्व एवं वंशागति का वर्णन कीजिए।
  68. प्रश्न- जीन की अन्योन्य क्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरणों की सहायता से जीन की अन्योन्य क्रिया की विधि का वर्णन कीजिए।
  69. प्रश्न- सहलग्नता क्या है? उचित उदाहरण देते हुए इसके महत्त्व की चर्चा कीजिए।
  70. प्रश्न- क्रॉसिंग ओवर को उदाहरण सहित समझाइए तथा इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
  71. प्रश्न- एक स्त्री का रक्त समूह 'AB' व उसके बच्चे का रक्त समूह '0' है। कारण सहित स्पष्ट कीजिए कि उस बच्चे के पिता का रक्त समूह क्या होगा?
  72. प्रश्न- एक Rh + स्त्री, Rh पुरुष से शादी करती है। इनकी संतति में एरेथ्रोब्लास्टोसिस की क्या सम्भावना है?
  73. प्रश्न- लैंडस्टीनर के योगदान का वर्णन कीजिए।
  74. प्रश्न- रक्त समूह को समझाइए।
  75. प्रश्न- जिनोम को परिभाषित कीजिए।
  76. प्रश्न- 'गृह व्यवस्थापक जीन' या 'रचनात्मक जीन' के बारे में बताइये।
  77. प्रश्न- प्रभावी तथा एपीस्टेटिक जीन में क्या अन्तर है?
  78. प्रश्न- लीथल जीन्स पर टिप्पणी लिखिए।
  79. प्रश्न- पूरक जीन क्रिया को परिभाषित कीजिए।
  80. प्रश्न- गुणसूत्र पर पाये जाने वाले विभिन्न अभिरंजन और पट्टिका प्रतिमानों का वर्णन कीजिए।
  81. प्रश्न- हेट्रोक्रोमेटिन और उसके लक्षण पर टिप्पणी लिखिए।
  82. प्रश्न- क्रासिंग ओवर उद्विकास की प्रक्रिया है। स्पष्ट कीजिए।
  83. प्रश्न- लिंकेज ग्रुप पर टिप्पणी लिखिए।
  84. प्रश्न- सामान्य मानव कैरियोटाइप का वर्णन कीजिए।
  85. प्रश्न- गुणसूत्रीय विपथन पर एक निबन्ध लिखिए।
  86. प्रश्न- असुगुणिता किसे कहते हैं? विभिन्न प्रकार की असुगुणिताओं का वर्णन कीजिए तथा इनकी उत्पत्ति के स्रोत बताइए।
  87. प्रश्न- लिंग सहलग्न वंशागति से आप क्या समझते हैं? मनुष्य या ड्रोसोफिला के सन्दर्भ में इस परिघटना का उदाहरणों सहित विवेचन कीजिए।
  88. प्रश्न- क्लाइनफिल्टर सिंड्रोम कार्यिकी अथवा गुणसूत्र के असामान्य स्थिति का परिणाम है। स्पष्ट कीजिए।
  89. प्रश्न- मंगोलिज्म या डाउन सिन्ड्रोम क्या है?
  90. प्रश्न- टर्नर सिन्ड्रोम उत्पन्न होने के कारण एवं उनके लक्षण लिखिए।
  91. प्रश्न- समक्षार उत्परिवर्तन पर टिप्पणी लिखिए।
  92. प्रश्न- अनुप्रस्थ विस्थापन पर टिप्पणी लिखिए।
  93. प्रश्न- पोजीशन एफेक्ट क्या है? उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
  94. प्रश्न- लिंग सहलग्नता प्रक्रिया को समसूत्री नर व समसूत्री मादा में स्पष्ट कीजिए।
  95. प्रश्न- वर्णान्ध व्यक्ति रेलवे ड्राइवर क्यों नहीं नियुक्त किये जाते हैं?
  96. प्रश्न- मानव वंशागति के अध्ययन में क्या मुख्य कठिनाइयाँ हैं?
  97. प्रश्न- संक्रामक जीनों से आप क्या समझते हैं?
  98. प्रश्न- वंशावली विश्लेषण पर टिप्पणी लिखिए।
  99. प्रश्न- लिंग सहलग्न वंशागति के प्रारूप का वर्णन कीजिए।
  100. प्रश्न- अफ्रीकी निद्रा रोगजनक परजीवी की संरचना एवं जीवन चक्र का वर्णन कीजिए।
  101. प्रश्न- वुचरेरिया बैन्क्रोफ्टाई के वितरण, स्वभाव, आवास तथा जीवन चक्र का वर्णन कीजिए।
  102. प्रश्न- जिआर्डिया पर एक विस्तृत लेख लिखिए।
  103. प्रश्न- एण्टअमीबा हिस्टोलायटिका की संरचना, जीवन-चक्र, रोगजन्यता एवं नियंत्रण का वर्णन कीजिए।
  104. प्रश्न- अफ्रीकी निद्रा रोग क्या है? यह कैसे होता है? इसके संचरण एवं रोगजनन को समझाइए। इस रोग के नियंत्रण के उपाय बताइए।
  105. प्रश्न- फाइलेरिया क्या है? इसके रोगजनकता एवं लक्षणों तथा निदान का वर्णन कीजिए।
  106. प्रश्न- जिआर्डिया के प्रजनन एवं संक्रमित रोगों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  107. प्रश्न- जिआर्डिया में प्रजनन पर टिप्पणी लिखिए।
  108. प्रश्न- जिआर्डिया पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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